Karyu man, pamya keval gyan , voh kon
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“Karyu man, pamya keval gyan”—इसका अर्थ है: जिसने मन को जीत लिया (मन को वश में किया), उसने केवलज्ञान (अलौकिक ज्ञान) प्राप्त किया।
जैन धर्म के अनुसार, जिसने अपने मन, इन्द्रियों और कषायों (क्रोध, मान, माया, लोभ) पर विजय पा ली, वही केवलज्ञान प्राप्त करता है।
ऐसे महान आत्मा को “अरिहंत” कहा जाता है। अरिहंत वे हैं जिन्होंने चार कषायों को नष्ट कर के, सम्यग्दर्शन, सम्यग्ज्ञान और सम्यक्चरित्र की प्राप्ति के बाद केवलज्ञान (सर्वज्ञता) को पाया है।
संक्षेप में उत्तर: जिसने मन को वश में कर केवलज्ञान पाया, वह “अरिहंत” कहलाता है।