विकथा के क्या नाम है
Answer
जैन परंपरा में विकथा के चार नाम सामान्यतः ये माने जाते हैं:- स्त्रीकथा
- भोजनकथा
- राजकथा
- देशकथा
Explanation
इनका अर्थ है ऐसी बातें जो धर्म-साधना में मन को भटकाती हैं:- स्त्रीकथा: स्त्रियों से संबंधित व्यर्थ चर्चा
- भोजनकथा: खाने-पीने की चर्चा
- राजकथा: राजा, राजनीति, सत्ता आदि की चर्चा
- देशकथा: देश, स्थान, यात्रा, क्षेत्र आदि की व्यर्थ चर्चा
Spiritual Understanding
जैन साधना में विकथा से बचना महत्वपूर्ण माना गया है, क्योंकि इससे:- मन की एकाग्रता टूटती है
- संयम में बाधा आती है
- धर्म-चिंतन कम होता है
- वाणी और मन व्यर्थ विषयों में लग जाते हैं
इसलिए साधक को धर्म, आत्मा, संयम और शुद्ध आचरण की बातों में मन लगाना चाहिए।