आदिनाथ प्रभु का जन्माभिषेक मेरुपर्वत पर पांडुक चन के किस दिशा की चुलिका पड़ हुआ ? २) आदिनाथ प्रभु के वंश का नाम इन्द्र ने क्या रखा ?
उत्तर
1) आदिनाथ प्रभु का जन्माभिषेक मेरुपर्वत के पांडुकवन में ईशान दिशा स्थित पांडुकशिला पर हुआ था। वहाँ प्रभु को पूर्वमुख विराजमान किया गया था। ( jainqq.org)
2) इन्द्र ने प्रभु ऋषभदेव के वंश का नाम इक्ष्वाकुवंश रखा। ( jainqq.org)
संक्षिप्त समझ
- ईशान दिशा = उत्तर-पूर्व दिशा।
- जैन परम्परा में जन्मकल्याणक के समय देवगण प्रभु को मेरुपर्वत पर ले जाकर पांडुकशिला पर अभिषेक करते हैं। ( jainqq.org)
सार
आदिनाथ प्रभु का जन्माभिषेक ईशान दिशा की पांडुकशिला पर हुआ, और उनके वंश का नाम इक्ष्वाकुवंश पड़ा। ( jainqq.org)