आदिनाथ प्रभु का जन्माभिषेक मेरुपर्वत पर पांडुक वन के किस दिशा की चुलिका पड़ हुआ ?
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उत्तर
आदिनाथ प्रभु का जन्माभिषेक मेरुपर्वत के पांडुकवन की ईशान दिशा की चूलिका/पांडुकशिला पर हुआ था। ( jainkosh.org)
स्पष्टीकरण
जैन परंपरा के अनुसार पांडुकशिला मेरुपर्वत के पूर्व और उत्तर दिशा के बीच, यानी ईशान कोण में स्थित है। भरतक्षेत्र में उत्पन्न तीर्थंकरों का अभिषेक इसी पांडुकशिला पर किया जाता है। ( jainkosh.org)
आध्यात्मिक अर्थ
यह स्थान तीर्थंकर जन्म के दिव्य सम्मान और उनके प्रति देवों की भक्ति का प्रतीक है। पांडुकशिला पर अभिषेक, प्रभु की जन्म से ही परम पवित्रता और महिमा को दर्शाता है। ( encyclopediaofjainism.com)