Nav kasay ke naam?
Answer
जैन धर्म में
नव कषाय को प्रायः
नोकषाय कहा जाता है। इनके नाम हैं:
- हास्य
- रति
- अरति
- शोक
- भय
- जुगुप्सा
- स्त्रीवेद
- पुरुषवेद
- नपुंसकवेद
Explanation
- कषाय मुख्य रूप से 4 माने जाते हैं: क्रोध, मान, माया, लोभ।
- इनके अलावा जो सूक्ष्म भाव आत्मा को बाँधते हैं, उन्हें नोकषाय कहा जाता है।
- “नव कषाय” कहने पर कई बार लोग इन्हीं 9 नोकषायों की बात करते हैं।
Spiritual Understanding
जैन धर्म में इन भावों को समझना बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि ये
आसक्ति, विकार और बंधन बढ़ाते हैं। साधना का उद्देश्य इन पर विजय पाकर
समता, संयम और शुद्धता को विकसित करना है।
Takeaway
संक्षेप में,
नव कषाय = 9 नोकषाय:
हास्य, रति, अरति, शोक, भय, जुगुप्सा, स्त्रीवेद, पुरुषवेद, नपुंसकवेद।