Main guruno per log sudhari ho kaun hai
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Answer
यदि आप “लोक-सुधारी” के बारे में पूछ रहे हैं, तो Jain Dharma में तीर्थंकर ही सच्चे लोक-उद्धारक माने जाते हैं। इस युग में भगवान महावीर स्वामी को विशेष रूप से मार्गदर्शक और लोक-कल्याणकारी माना जाता है।Explanation
तीर्थंकर वे होते हैं जो:- सत्य मार्ग दिखाते हैं
- अहिंसा, संयम, और आत्म-शुद्धि का उपदेश देते हैं
- संसार के जीवों को मोक्ष के मार्ग की ओर ले जाते हैं
इसलिए “लोगों को सुधारने वाले” अर्थ में तीर्थंकर सबसे श्रेष्ठ माने जाते हैं। और उनकें बताए मार्ग पर चलाने वाले आचार्य, उपाध्याय, साधु-साध्वी भी धर्म-मार्ग के सहायक होते हैं।
Spiritual Understanding
Jain धर्म में सुधार का असली अर्थ बाहर से नहीं, अंदर से आत्मा की शुद्धि है। तीर्थंकर हमें सिखाते हैं कि:- क्रोध कम करो
- अहंकार छोड़ो
- हिंसा से बचो
- आत्म-संयम अपनाओ
यही सच्ची “लोक-सुधारी” की भावना है।