Sadhuon kya Bhagwan nache
Answer
जैन साधु- साध्वी नृत्य या मनोरंजन के लिए नहीं नाचते। वे संयम, वैराग्य और तप का जीवन जीते हैं।
Explanation
जैन धर्म में साधु जीवन का उद्देश्य इन्द्रियों पर विजय पाना, आसक्ति छोड़ना और आत्मा की शुद्धि करना है।
इसलिए वे:
- नृत्य नहीं करते
- मनोरंजन में भाग नहीं लेते
- सांसारिक आसक्ति से दूर रहते हैं
Spiritual Understanding
साधु का मार्ग बाहरी प्रदर्शन का नहीं, बल्कि आंतरिक साधना का मार्ग है।
जैन परंपरा में यह माना जाता है कि संयम और ध्यान से ही आत्मकल्याण होता है।
Takeaway
जैन साधु- साध्वी नाच-गाने से दूर रहते हैं और पूर्ण रूप से साधना, संयम और आत्मशुद्धि के मार्ग पर चलते हैं।