Kış Aagam ke 36 pad hai ?
Answer
यदि आप
“36 पद” पूछ रहे हैं, तो यह
प्रज्ञापना सूत्र (Pannavana / Prajñāpanā Sūtra) के लिए कहा जाता है। (
jainworld.jainworld.com)
Explanation
ध्यान रहे,
36 पद और
36 अध्याय अलग बातें हैं।
Spiritual Understanding
जैन आगमों में संख्या और विभाग केवल गिनती नहीं होते, बल्कि वे
ज्ञान को व्यवस्थित रूप से समझने का माध्यम होते हैं। प्रज्ञापना सूत्र में विषयों का विस्तृत वर्गीकरण मिलता है, इसलिए उसे विशेष महत्त्व दिया जाता है। (
jainworld.jainworld.com)
Takeaway
संक्षेप में:
36 पद = प्रज्ञापना सूत्र।
अगर आप चाहें, मैं
प्रज्ञापना सूत्र और
उत्तराध्ययन सूत्र का अंतर भी सरल भाषा में बता सकता हूँ।