Arnika putra acharya ki gochari kisne layi?
Answer
प्रचलित कथा के अनुसार, आचार्य अर्णिकपुत्र की गोचरी साध्वी पुष्पचूला ने लाई थी। वे अपने गुरु की सेवा में समर्पित थीं और एक बार भारी बारिश में बाहर से आहार लेकर लौटी थीं। (
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Explanation
इस प्रसंग में साध्वी पुष्पचूला का भाव गुरु-भक्ति और सेवा का था। उन्होंने अपने आचार्य की आवश्यक सेवा निभाई और उसी सेवा-भाव से गोचरी लाकर दी। (
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Spiritual Understanding
यह कथा सेवा, विनय और समर्पण का सुंदर उदाहरण है। जैन परंपरा में गुरु-सेवा को बहुत ऊँचा स्थान दिया गया है। (
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Takeaway
संक्षेप में: आचार्य अर्णिकपुत्र की गोचरी साध्वी पुष्पचूला ने लाई थी। (
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