Sammetshikhar ki 7 baar jatra kisne ki?
Answer
समेतशिखर की 7 बार यात्रा आचार्य यशोदेव सूरि के शिष्य प्रद्युम्न सूरि ने की थी। जैन परंपरा के अनुसार, अपने मगध-प्रवास के दौरान उन्होंने सात बार इस तीर्थ की यात्रा की। ( jainsamaj.org)
Explanation
यह उल्लेख जैन तीर्थ-परंपरा में प्रचलित है और सम्यक श्रद्धा के साथ याद किया जाता है। इसमें प्रद्युम्न सूरि की तीर्थ-भक्ति और संयम का भाव प्रकट होता है। ( jainsamaj.org)
Spiritual Understanding
समेतशिखर जैन धर्म का अत्यंत पवित्र तीर्थ है, जहाँ अनेक तीर्थंकरों को मोक्ष प्राप्त हुआ। उसकी बार-बार यात्रा करना गहरी श्रद्धा, तप और आत्म-उत्थान का प्रतीक माना जाता है। ( jainsamaj.org)
Takeaway
संक्षेप में: प्रद्युम्न सूरि ने समेतशिखर की 7 बार यात्रा की थी।