जैन परंपरा के प्रचलित वर्णन के अनुसार यह चक्रवर्ती भरत को हुआ था। आदिपुराण में वर्णन आता है कि उन्होंने सिर पर सफेद बाल देखकर वैराग्य लिया और राज्य अपने पुत्र को सौंप दिया। ( jainqq.org)
Explanation
यह कथा जीवन की अनित्यता का बोध कराती है। सफेद बाल को बुढ़ापे और संसार से विरक्ति का संकेत माना गया है। ( jainqq.org)
Takeaway
जैन दृष्टि में इस प्रसंग का संदेश है कि शरीर, यौवन और राज्य सब क्षणभंगुर हैं; सच्चा लक्ष्य आत्म-कल्याण और वैराग्य है। ( jainqq.org)