Kshitsamudra ka pani kaisa hota hai
Answer
अगर आपका मतलब
“क्षीरसमुद्र” है, तो जैन परंपरा में उसका जल
दूध जैसा सफ़ेद, निर्मल और पवित्र माना गया है। इसे सामान्य खारे समुद्र जैसा नहीं समझा जाता। (
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Explanation
जैन ग्रंथों में “क्षीरसमुद्र के जल” की तुलना एक
शुद्ध, उज्ज्वल और मधुर जल-रूप से की गई है। इसी कारण यह शब्द कई बार पवित्रता और शुभता की छवि के लिए आता है। (
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Spiritual Understanding
जैन दृष्टि में ऐसे वर्णन मन को
निर्मलता, पवित्रता और सात्त्विकता की ओर ले जाते हैं। क्षीरसमुद्र की छवि हमें यह स्मरण कराती है कि शुद्धता केवल जल में नहीं, बल्कि भावों में भी होनी चाहिए। (
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Takeaway
संक्षेप में,
क्षीरसमुद्र का पानी दूध जैसा उज्ज्वल और पवित्र माना गया है। (
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