Who was not Mahaveer Swami's शिष्य, but still behaved like one?
Answer
महावीर स्वामी के संदर्भ में जिस व्यक्ति का नाम आता है, वह
मंखलिपुत्र गोशालक (गोशालक / मक्खलि गोशाल) है। जैन परंपरा में उसे महावीर स्वामी का वास्तविक शिष्य नहीं माना जाता, लेकिन वह कुछ समय तक उनके साथ रहा और स्वयं को शिष्य की तरह प्रस्तुत करता रहा। (
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Explanation
जैन ग्रंथों के अनुसार गोशालक ने महावीर स्वामी से शिष्य बनने की इच्छा जताई थी, और बाद में वह उनके साथ चलने लगा। इसी कारण उसे कई जगह “स्वघोषित शिष्य” जैसा कहा गया है। (
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Takeaway
इस प्रश्न का सामान्य उत्तर
गोशालक ही माना जाता है। (
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