परंपरा के अनुसार 23 तीर्थंकरों ने खीर/क्षीरान्न से पारणा की थी; केवल प्रथम तीर्थंकर ऋषभदेव ने इक्षुरस (गन्ने के रस) से पारणा की थी। ( jainpuja.com)
Explanation
जैन परंपरा में ऋषभदेव की प्रथम पारणा इक्षुरस से मानी जाती है, और उनके बाद के शेष 23 तीर्थंकरों की पारणा खीर आदि क्षीरान्न से बताई जाती है। ( jainpuja.com)