अगर आप क्षीरोद / क्षीरसमुद्र की बात कर रहे हैं, तो जैन भूगोल में यह 5वाँ समुद्र है; पूरी द्वीप-समुद्र श्रृंखला में यह 10वाँ स्थान आता है। ( encyclopediaofjainism.com)
Explanation
केंद्र से गिनती करने पर क्रम इस तरह चलता है: लवणसमुद्र, कालोदधि, पुष्करवरा-समुद्र, वारुणोद, और उसके बाद क्षीरोद आता है। ( encyclopediaofjainism.com)