Gautam swami ne Labdhi se kheer Ka Parna karvaya tab kisko kevalgyan hua?
Answer
उस
कheer पारणा के समय
गौतम स्वामी को नहीं, बल्कि उन 1503 तपस्वियों को kevalgyan हुआ। स्रोतों के अनुसार पहले
501 तपस्वी पारणे के समय केवली बने, फिर रास्ते में
और 501, और महावीर स्वामी के समवसरण में पहुँचकर
बाकी 501 भी केवली हो गए। (
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Explanation
गौतम स्वामी ने अपनी
Akshin-mahanasi labdhi से छोटी सी पात्र से सभी तपस्वियों को kheer परोसी। उसी प्रसंग में, उनकी श्रद्धा और तप के प्रभाव से वे तपस्वी क्रमशः
kevali बने। गौतम स्वामी स्वयं का kevalgyan बाद में, प्रभु महावीर के निर्वाण के बाद हुआ। (
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Spiritual Understanding
यह घटना Jain Dharma में यह दिखाती है कि:
- लब्धि और तप का फल असाधारण हो सकता है।
- सत्संग और धर्मोपदेश से आत्मा की उन्नति होती है।
- गौतम स्वामी की सेवा-भावना से दूसरों को भी kevalgyan का अवसर मिला। ( jainfoundation.in)
Takeaway
संक्षेप में:
उस kheer पारणा के समय 1503 तपस्वी kevalgyani बने। अगर चाहें, मैं इस पूरी कथा को बहुत सरल हिंदी में क्रमवार भी बता सकता हूँ।