Irshya ke kaaran kisko stree bhav mila?
Answer
जैन कथा के अनुसार,
ईर्ष्या के कारण स्वाध्यायी मुनि पीठ और महापीठ को अगले भव में
स्त्री अवतार मिला। (
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Explanation
कथा में बताया गया है कि
ईर्ष्यायुक्त भाव के कारण उनके द्वारा
स्त्रीवेद का बंध हुआ, और उसी के फलस्वरूप उन्हें अगले जन्म में स्त्री भव प्राप्त हुआ। (
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Takeaway
जैन दृष्टि में
ईर्ष्या, द्वेष और दूसरों के गुणों से असहज होना आत्मा के लिए हानिकारक माने जाते हैं। (
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