Iss avsarpini kaal main pratham deshna kaha hui?
Answer
जैन परंपरा के अनुसार, इस अवसर्पिणी में भगवान ऋषभदेव (आदिनाथ) की प्रथम देशना शत्रुंजय पर्वत पर, रयान वृक्ष के नीचे हुई थी। (
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Explanation
शत्रुंजय तीर्थ को ऋषभदेव भगवान से विशेष रूप से जोड़ा जाता है। जैन मान्यता में वहीं रयान वृक्ष के पास उन्होंने प्रथम उपदेश दिया था। (
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Spiritual Understanding
यह स्थान जैन धर्म में बहुत पवित्र माना जाता है, क्योंकि इसे प्रथम तीर्थंकर की देशना और आत्मकल्याण की परंपरा से जोड़ा जाता है। (
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Takeaway
संक्षेप में:
प्रथम देशना = शत्रुंजय पर्वत, रयान वृक्ष के नीचे। (
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