जैन धर्म के अनुसार जो आत्मा कर्मों से पूर्णतः मुक्त होकर सिद्ध अवस्था को प्राप्त करती है, वह सिद्ध भगवंत कहलाती है।
सिद्धशिला पर ऐसे अनगिनत, अनंत सिद्ध विराजमान हैं।
Spiritual Understanding
सिद्ध अवस्था आत्मा की सबसे शुद्ध और परम स्थिति है।
वहाँ न जन्म है, न मृत्यु, न दुख, न कर्मबंधन।
इसलिए मोक्ष को जैन धर्म में आत्मा की पूर्ण मुक्ति और परम शांति की अवस्था माना गया है।