Parmatma ke 12 gun
Answer
जैन परंपरा में अरिहंत/परमात्मा के 12 गुण आम तौर पर 4 अनंत गुण और 8 अष्टमहाप्रातिहार्य के रूप में बताए जाते हैं. (
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Explanation
- 4 अनंत गुण: अनंत ज्ञान, अनंत दर्शन, अनंत चारित्र, और अनंत वीर्य/बल-वीर्य. ( jainqq.org)
- 8 अष्टमहाप्रातिहार्य: अशोक वृक्ष, सुरपुष्पवृष्टि, दिव्यध्वनि, सिंहासन, चामर, भामंडल, देव-दुन्दुभि, और तीन छत्र. ( jainqq.org)
Spiritual Understanding
इन 12 गुणों से अरिहंत परमात्मा की पूर्ण वीतरागता, सर्वज्ञता, और दिव्य महिमा प्रकट होती है. जैन भक्ति में इन गुणों का चिंतन आत्मा को भी शुद्धि, वैराग्य, और सम्यक् श्रद्धा की ओर ले जाता है. (
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Takeaway
संक्षेप में, जैन परंपरा में परमात्मा के 12 गुण =
4 अनंत गुण + 8 प्रातिहार्य माने जाते हैं. (
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