aam ke ped pe thudh ko dekh Kar kisko vairagya hua tha
Aam ke ped par thudh (thook/lar) dekh kar Bhagwan Mahavir Swami ke bade bhai Nandivardhan ko vairagya (dispassion) hua tha.
कथा के अनुसार, एक बार नंदिवर्धन आम के पेड़ के नीचे बैठे थे। उन्होंने देखा कि पेड़ पर लटका आम पहले बहुत सुंदर था, लेकिन किसी ने उस पर थूक (thudh) दिया, जिससे वह आम सभी के लिए त्याज्य हो गया और कोई उसे लेना नहीं चाहता था। इस घटना ने नंदिवर्धन को संसार की नश्वरता और विकार को समझाया और उनके मन में वैराग्य जाग्रत हुआ।
यह कथा जैन साहित्य में संसार के प्रति विरक्ति और वैराग्य भाव के जागरण का एक प्रसिद्ध उदाहरण है।