Nunadhik mapne tolne se konsi gati milti hai
Answer
जैन मान्यता के अनुसार
नूनाधिक/हीनाधिक मापने-तौलने से
तिर्यंच गति का बंध बताया गया है। इसे
हीनाधिक मानोन्मान या
कूट-तुला-कूट-मान जैसे दोषों में गिना जाता है। (
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Explanation
अर्थात यदि कोई व्यक्ति तौल में कम-ज़्यादा करके, गलत बाट-तौल का उपयोग करके या धोखा देकर व्यापार करता है, तो यह जैन धर्म में अधर्म और मिथ्या व्यवहार माना गया है। ऐसे आचरण से तिर्यंच गति के कर्म बंधने की बात कही गई है। (
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Takeaway
जैन धर्म में माप-तौल में ईमानदारी रखना आवश्यक है; धोखा और छल से कर्म बंध बढ़ता है। (
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