Gunvaan ko namaskar karne se kya hota hai
Answer
गुणवान व्यक्ति को नमस्कार करने से विनय, विनम्रता और पुण्य की भावना बढ़ती है। जैन धर्म में यह अच्छे गुणों के प्रति आदर प्रकट करने का एक सुंदर संस्कार माना गया है।Explanation
जब हम किसी गुणवान, साधु, साध्वी, या सद्गुणी व्यक्ति को नमस्कार करते हैं, तो हमारे भीतर:- अहंकार कम होता है
- विनय बढ़ता है
- अच्छे गुणों को अपनाने की प्रेरणा मिलती है
- मन में शुद्ध भाव उत्पन्न होते हैं
नमस्कार केवल बाहरी क्रिया नहीं है, बल्कि भीतर से आदर, श्रद्धा और नम्रता का भाव होना चाहिए।