Nav Graveyak me trik kya hai
Answer
नव ग्रैवेयक में
“त्रिक” का अर्थ है
तीन-तीन का समूह।
अर्थात् 9 ग्रैवेयकों को 3 भागों में बाँटा जाता है:
- प्रथम त्रिक: 1, 2, 3 ग्रैवेयक
- द्वितीय त्रिक: 4, 5, 6 ग्रैवेयक
- तृतीय त्रिक: 7, 8, 9 ग्रैवेयक
Explanation
जैन ब्रह्मांड-विज्ञान में नव ग्रैवेयक को क्रमबद्ध रूप से 9 स्तरों में समझा जाता है।
इन 9 स्तरों को आसान अध्ययन के लिए
3-3 के तीन समूहों में रखा जाता है, और इसी समूह को
त्रिक कहा जाता है।
Spiritual Understanding
यह विभाजन हमें यह समझाता है कि जैन दर्शन में ब्रह्मांड की रचना बहुत व्यवस्थित और क्रमबद्ध मानी गई है।
हर स्तर का अपना स्थान, स्वरूप और आध्यात्मिक महत्व है।
Takeaway
नव ग्रैवेयक का “त्रिक” = 3-3 का समूह।
यानि 9 ग्रैवेयक को 3 त्रिकों में बाँटा जाता है।