Kheer ka bhojan brahman kutumb ko karvake kaunse chakravarty ne apani aankhe gavai thi
Answer
यह कथा
ब्रह्मदत्त चक्रवर्ती की है। जैन कथाओं में बताया गया है कि उसने एक ब्राह्मण और उसके परिवार को राज-भोजन कराया, और बाद में उसी ब्राह्मण की बदले की योजना से ब्रह्मदत्त की आँखें चली गईं। (
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Explanation
आप जिस “खीर/भोजन” वाले प्रसंग की बात कर रहे हैं, वह प्रायः
ब्रह्मदत्त चक्रवर्ती के प्रसंग से जोड़ा जाता है। अलग-अलग कथन-परंपराओं में भोजन का वर्णन थोड़ा अलग मिलता है, लेकिन चक्रवर्ती के रूप में
ब्रह्मदत्त ही इस कहानी से सबसे अधिक प्रसिद्ध हैं। (
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Spiritual Understanding
यह कथा यह सिखाती है कि
क्रोध और प्रतिशोध मनुष्य को गहरे पतन की ओर ले जा सकते हैं। जैन दृष्टि में हिंसा, बदला और अहंकार के संस्कार आत्मा को बहुत भारी कर्म से बाँधते हैं। (
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Takeaway
संक्षेप में:
ब्रह्मदत्त चक्रवर्ती।