Moksh kya hai
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Answer
मोक्ष जैन धर्म में आत्मा की वह परम अवस्था है, जिसमें आत्मा कर्मों के बंधन से पूर्णतः मुक्त हो जाती है और जन्म-मरण के चक्र से छुटकारा पा लेती है।Explanation
जैन दर्शन के अनुसार आत्मा स्वभाव से शुद्ध, ज्ञानमय और आनंदमय है। लेकिन कर्मों के कारण वह संसार में बँधी रहती है। जब सभी कर्म पूरी तरह नष्ट हो जाते हैं, तब आत्मा:- जन्म नहीं लेती
- मृत्यु से नहीं गुजरती
- दुख, मोह और बंधन से मुक्त हो जाती है
इसी पूर्ण मुक्ति को मोक्ष कहते हैं।