Kis Granth mein aaya Hai ki Maru devi mata ne apne 65000 ki pidhiyan Dekhi thi
Answer
Marudevī माता की कथा का मुख्य उल्लेख श्वेताम्बर जैन परंपरा के कथा-ग्रंथों में मिलता है—सबसे पुरानी कथा Jinadāsa की
Āvaśyaka-cūrnī में, फिर Śilāṅka की
Cauppanna-mahāpurisa-cariyaṃ में, और बाद में Hemacandra के
Triṣaṣṭiśalāka-puruṣa-caritra में इसका विस्तृत वर्णन है. (
jainpedia.org)
Explanation
इन ग्रंथों में कथा यह है कि Marudevī माता ने भगवान ऋषभदेव के समवसरण को देखकर, अपने पुत्र की दिव्य विभूति को पहचान लिया और उसी क्षण केवलज्ञान प्राप्त कर मोक्ष को गईं. Jainpedia के अनुसार यह कथा मुख्यतः narrative literature में आती है. (
jainpedia.org)
Spiritual Understanding
इस कथा का आध्यात्मिक संदेश यह है कि मोह छूटते ही आत्मा को सत्य का बोध हो सकता है, और गृहस्थ जीवन में रहते हुए भी उच्चतम वैराग्य और मुक्ति संभव है. (
jainpedia.org)
Takeaway
इसलिए “Marudevī माता ने 65,000 पीढ़ियाँ देखीं” वाला वाक्य मानक जैन कथा में नहीं मिलता; जो प्रामाणिक और प्रसिद्ध कथा है, वह उनके केवलज्ञान और मोक्ष की है. (
jainpedia.org)