12 gunsutra ka naam
Answer
जैन धर्म में
12 गुणस्थान के नाम ये हैं:
- मिथ्यात्व
- सासादन सम्यग्दृष्टि
- मिश्र
- अविरत सम्यग्दृष्टि
- देशविरत
- प्रमत्त संयत
- अप्रमत्त संयत
- अपूर्वकरण
- अनिवृत्तिकरण
- सूक्ष्मसंपराय
- उपशांतमोह
- क्षीणमोह
Explanation
ये आत्मा की शुद्धि और आध्यात्मिक उन्नति के 12 स्तर हैं।
जैसे-जैसे जीव कर्मों को क्षीण करता है, वैसे-वैसे वह उच्च गुणस्थानों की ओर बढ़ता है।
Spiritual Understanding
गुणस्थान जैन दर्शन में यह बताते हैं कि आत्मा किस अवस्था में है और मोक्ष की ओर उसकी यात्रा कितनी आगे बढ़ चुकी है। यह आत्म-परिक्षण और साधना के लिए बहुत महत्वपूर्ण विषय है।
Takeaway
12 गुणस्थान आत्मा की शुद्धि के 12 चरण हैं।
इनका अध्ययन साधक को अपनी आध्यात्मिक स्थिति समझने में मदद करता है।