Apna vah kaun sa sangrhalay hai Jahan per hajaron Mein apni prachin Jain tadipatra Granth hai
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Answer
अगर आप हज़ारों प्राचीन जैन ताड़पत्र ग्रंथों वाले स्थान की बात कर रहे हैं, तो गांधीनगर-अहमदाबाद के पास कोबा स्थित श्री महावीर जैन आराधना केंद्र का “देवर्धिगणि क्षमाश्रमण हस्तप्रत भंडागार” बहुत प्रसिद्ध है। वहाँ लगभग 3,000 ताड़पत्र पांडुलिपियाँ सुरक्षित बताई गई हैं। ( kobatirth.org)Explanation
जैसलमेर के जैन ज्ञान भंडार भी बहुत प्रसिद्ध हैं, लेकिन वहाँ उपलब्ध विवरण के अनुसार “जिन भद्रसूरि ज्ञान भंडार” में लगभग 400 से अधिक ताड़पत्र ग्रंथ हैं। जैसलमेर को प्राचीन जैन हस्तलिखित ग्रंथों के संरक्षण का एक प्रमुख केंद्र माना जाता है। ( ignca.gov.in)Spiritual Understanding
जैन परंपरा में प्राचीन ग्रंथ केवल पुस्तकें नहीं, बल्कि ज्ञान-धरोहर हैं। उनकी रक्षा करना, उनका अध्ययन करना और उन्हें आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रखना एक बड़ा पुण्य कार्य माना जाता है। ( kobatirth.org)Takeaway
संक्षेप में:- कोबा (श्री महावीर जैन आराधना केंद्र) — हज़ारों ताड़पत्र ग्रंथों के लिए सबसे उपयुक्त उत्तर। ( kobatirth.org)
- जैसलमेर के जैन ज्ञान भंडार — प्राचीन जैन ताड़पत्र परंपरा का अत्यंत प्रसिद्ध केंद्र। ( ignca.gov.in)