Apne Madhya Pradesh mein Sagar ya Bundelkhand ke pass koi aisa Mandir ya sangrhalay Jahan per aneko prachin Jain granth
Answer
हाँ, अगर आपका उद्देश्य प्राचीन जैन ग्रंथों का दर्शन या अध्ययन करना है, तो सबसे उपयुक्त स्थान नैनागिरि (छतरपुर, बुन्देलखण्ड) है। वहाँ देवनंदी शोध संस्थान में लगभग 7000 अति प्राचीन जैन साहित्य के ग्रंथ बताए गए हैं। नैनागिरि को स्वयं वेबसाइट पर बुन्देलखण्ड का प्राचीनतम तीर्थ कहा गया है। ( jainteerthnainagiri.com)Explanation
आपके लिए 3 अच्छे विकल्प ये हैं:- श्री दिगंबर जैन सिद्धक्षेत्र नैनागिरि, छतरपुर — यहाँ देवनंदी शोध संस्थान में प्राचीन जैन साहित्य का बड़ा संग्रह है। ( jainteerthnainagiri.com)
- श्री कुंदकुंद-काहान दिगंबर जैन मुमुक्षु मंडल स्वाध्याय भवन, रामपुरा, सागर — यहाँ Shastra Bhandar, Vitrag e-library और Manuscript सेक्शन का उल्लेख है; यानी अध्ययन-सामग्री के लिए यह अच्छा स्थान है। ( vitragvani.com)
- डॉ. हरिसिंह गौर विश्वविद्यालय, सागर — संस्कृत विभाग का Manuscript Resource Centre — यह जैन-विशेष मंदिर नहीं है, लेकिन पांडुलिपि-अध्ययन के लिए उपयोगी संस्थान है; यहाँ 33,983 manuscripts documented होने का उल्लेख है। ( namami.gov.in)
Spiritual Understanding
प्राचीन जैन ग्रंथ केवल पुस्तकें नहीं, बल्कि श्रुत-परंपरा के जीवित साक्ष्य हैं। ऐसे स्थानों पर जाकर व्यक्ति को:- जैन इतिहास की गहराई समझ में आती है
- श्रमण परंपरा के प्रति श्रद्धा बढ़ती है
- स्वाध्याय की प्रेरणा मिलती है ( jainteerthnainagiri.com)
Takeaway
अगर आप एक ही जगह सबसे अधिक प्राचीन जैन ग्रंथ देखना चाहते हैं, तो नैनागिरि सबसे अच्छा विकल्प है। अगर आप Sagar के बहुत पास रहना चाहते हैं, तो रामपुरा स्वाध्याय भवन भी अच्छा विकल्प है। ( jainteerthnainagiri.com)अगर चाहें, तो मैं आपके लिए Sagar से इन स्थानों तक की यात्रा-योजना भी जैन तीर्थ-क्रम में बता सकता हूँ।