108 Parshwanath ke naam
उत्तर
नीचे श्री पार्श्वनाथ के 108 प्रचलित नाम/गुणवाचक नाम दिए जा रहे हैं:
- श्री पार्श्वनाथ
- पार्श्वजिन
- पार्श्वतीर्थंकर
- पार्श्वप्रभु
- पार्श्वदेव
- पार्श्वस्वामी
- पार्श्वेश
- पार्श्वज्येष्ठ
- पार्श्ववर
- पार्श्वशरण्य
- पार्श्वसिद्ध
- पार्श्ववीर
- पार्श्वकरुणाकर
- पार्श्वदयानिधि
- पार्श्वमोक्षदायक
- पार्श्वभवभंजन
- पार्श्वक्लेशहर
- पार्श्वपापहर
- पार्श्वत्रात
- पार्श्वउद्धारक
- पार्श्वजगदीश
- पार्श्वलोकनाथ
- पार्श्वजगत्पति
- पार्श्वजिनेंद्र
- पार्श्ववृषभ
- पार्श्वधीर
- पार्श्वशांत
- पार्श्वसत्य
- पार्श्वक्षमाधर
- पार्श्वसंयमी
- पार्श्वयोगी
- पार्श्वध्यानमूर्ति
- पार्श्वतपोनिधि
- पार्श्वज्ञानसागर
- पार्श्वदर्शनदीप
- पार्श्वचरित्रशुद्ध
- पार्श्वअर्हत
- पार्श्वसिद्धार्चित
- पार्श्वलोकपूज्य
- पार्श्वदेवाधिदेव
- पार्श्वमुनिपूजित
- पार्श्वसुरासुरवंदित
- पार्श्वभव्यबन्धु
- पार्श्वशुभांक
- पार्श्वश्रीकर
- पार्श्वअभयदाता
- पार्श्वनिर्वाणदाता
- पार्श्वकल्याणकृत
- पार्श्वधर्मप्रकाशक
- पार्श्वमार्गप्रदर्शक
- पार्श्वव्रतप्रणेता
- पार्श्वमोक्षमार्गी
- पार्श्वकरुणासिंधु
- पार्श्वशुद्धात्मा
- पार्श्वनिर्मल
- पार्श्वनिर्जराप्रद
- पार्श्वअहिंसामूर्ति
- पार्श्वसंयमसार
- पार्श्वतपस्वी
- पार्श्वजिनश्रेष्ठ
- पार्श्वजिनवर
- पार्श्वप्रभाकर
- पार्श्वदीपक
- पार्श्वकल्याणमूर्ति
- पार्श्वश्रेष्ठ
- पार्श्वमंगलमूर्ति
- पार्श्वनिर्वाणमूर्ति
- पार्श्वपुण्यनिधान
- पार्श्वधर्मसुधाकर
- पार्श्वशुभफलदाता
- पार्श्वकष्टनिवारक
- पार्श्वभवबंधनमोचक
- पार्श्वसकलसिद्धिदायक
- पार्श्वअष्टकर्मक्षयकर
- पार्श्वरागद्वेषविजेता
- पार्श्वमोहविनाशक
- पार्श्वआत्मानंददायक
- पार्श्ववैराग्यमूर्ति
- पार्श्वशुभव्रतपालक
- पार्श्वमुक्तिमार्गप्रद
- पार्श्वजीवनदीप
- पार्श्वभक्तवत्सल
- पार्श्वआश्रयदाता
- पार्श्वशुभाश्रय
- पार्श्वजगद्गुरु
- पार्श्वधर्मगुरु
- पार्श्वसकललोकपूजित
- पार्श्ववीतराग
- पार्श्वजितेन्द्रिय
- पार्श्वअपरिग्रही
- पार्श्वअहिंसक
- पार्श्वशरणागतवत्सल
- पार्श्वदीनबंधु
- पार्श्वमहायोगी
- पार्श्वमहामुनि
- पार्श्वमहातपस्वी
- पार्श्वज्ञानप्रकाशक
- पार्श्वअसीमकरुणा
- पार्श्वपुण्यप्रदाता
- पार्श्वजिननाथ
- पार्श्वअरिष्टनिवारक
- पार्श्वभक्तानुग्रहकर
- पार्श्वसकलत्राता
- पार्श्वश्रेष्ठदेव
- पार्श्वअनंतगुणनिधान
- पार्श्वसर्वदोषविनाशक
- पार्श्वभवमोचक
- पार्श्वसर्वकल्याणकारी
स्पष्टीकरण
ये नाम श्री पार्श्वनाथ भगवान के गुणों, करुणा, संयम, वीतरागता, और मोक्षमार्ग के स्वरूप को प्रकट करते हैं। परंपरा के अनुसार 108 नामों के पाठ अलग-अलग रूपों में मिल सकते हैं, इसलिए कुछ नामों में थोड़ा भेद हो सकता है।
आध्यात्मिक अर्थ
108 नामों का स्मरण भक्ति, एकाग्रता, और गुणचिंतन को बढ़ाता है। जैन परंपरा में भगवान के नामों का उद्देश्य केवल स्मरण नहीं, बल्कि उनके गुणों को अपने जीवन में उतारना भी है। पार्श्वनाथ भगवान के नाम हमें अहिंसा, क्षमा, संयम, और वैराग्य की प्रेरणा देते हैं।
सार
श्री पार्श्वनाथ के 108 नाम उनका गुणगान हैं। इनका जप और चिंतन श्रद्धा, शांति, और आत्मशुद्धि की भावना को मजबूत करता है।