108 tunk ke naam
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Answer
“108 टूँक के नाम” की जैन परंपरा में कोई एक सर्वमान्य सूची नहीं मिलती। जैन धर्म में 108 संख्या का विशेष महत्व मुख्यतः 108 गुणों और 108 दानों वाली जैन माला के कारण है। ( jsmw.org)Explanation
जैन परंपरा में पंच परमेष्ठी के 108 गुण माने जाते हैं:- अरिहंत — 12
- सिद्ध — 8
- आचार्य — 36
- उपाध्याय — 25
- साधु — 27