Vandana karke karam kisne khapaye
Answer
जैन दृष्टि में श्रद्धा और विनय से की गई वंदना करने वाले साधक के कर्म हल्के होते हैं; यानी वंदना कर्म-बंधन को घटाने और पुराने कर्मों की निर्जरा में सहायक मानी जाती है। (
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Explanation
जैन दर्शन के अनुसार कर्म हमारे विचार, वाणी और शरीर के योग से बंधते हैं, और धर्म का उद्देश्य नए कर्मों के आगमन को रोकना तथा कर्मों के प्रभाव को कम करना है। इसलिए सच्ची वंदना आत्मशुद्धि का एक साधन है। (
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Spiritual Understanding
वंदना का भाव अहंकार को घटाता है, विनय बढ़ाता है, और मन को धर्म की ओर मोड़ता है। यही भाव कर्म-क्षय की दिशा में ले जाता है। (
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Takeaway
संक्षेप में:
श्रद्धा, विनय और शुद्ध भाव से की गई वंदना कर्मों को खपाने में सहायक होती है। (
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