श्वेताम्बर परंपरा के अनुसार, भगवान महावीर से उनके बड़े भाई नन्दिवर्धन ने दो वर्ष और रुकने का अनुरोध किया था। उसी कारण महावीर स्वामी ने दो वर्ष और गृहस्थ-जीवन में रहकर बाद में दीक्षा ली। ( jainworld.jainworld.com)
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अर्थात, आयुष्य बढ़ाने/रुकने के लिए कहने वाले उनके बड़े भाई नन्दिवर्धन थे। ( jainworld.jainworld.com)