चरित्र धर्म की आराधना करके सर्वार्थ सिद्ध विमान मैं कौन गया
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Answer
चरित्र धर्म की आराधना करके धर्मरुचि अणगार का जीवसर्वार्थसिद्ध नामक महाविमान में गया। ( jainqq.org)
Explanation
जैन आगम के अनुसार धर्मरुचि अनगार ने लंबे समय तक श्रमण-जीवन का पालन किया, अंत में आलोचना-प्रतिक्रमण और समाधिमरण किया। उसके बाद वे सौधर्म आदि देवलोकों से ऊपर सर्वार्थसिद्ध महाविमान में देव रूप में उत्पन्न हुए। ( jainqq.org)
Spiritual Understanding
यह प्रसंग बताता है कि चारित्र धर्म की शुद्ध आराधना और समाधिभाव का फल अत्यंत उच्च होता है। जैन दृष्टि में यह भी संकेत है कि ऐसी आत्मा आगे चलकर मोक्ष के मार्ग पर अग्रसर होती है। ( jainqq.org)
Takeaway
संक्षेप में: धर्मरुचि अणगार का जीव सर्वार्थसिद्ध विमान में गया। ( jainqq.org)