“लो” से शुरू होने वाला एक पूर्व लोकबिन्दुसार माना जाता है। कुछ जैन सूचियों में इसे 14वाँ, यानी अंतिम पूर्व भी बताया गया है। ( transliteral.org)
Explanation
जैन परंपरा में 14 पूर्वों की सूची में अंतिम पूर्व का नाम अलग-अलग ग्रंथों में बिन्दुसार / लोकबिन्दुसार रूप में मिलता है। इसलिए “लो” से शुरू होने वाला नाम लोकबिन्दुसार कहा जाता है। ( jainpedia.org)