यदि आप चंद्रगुप्त मौर्य की बात कर रहे हैं, तो जैन परंपरा के अनुसार उनकी राजधानी पाटलिपुत्र मानी जाती है।
Explanation
पाटलिपुत्र उस समय एक प्रमुख राजनगरी थी। जैन साहित्य और जैन परंपरा में चंद्रगुप्त मौर्य का संबंध इसी क्षेत्र से बताया जाता है।
Spiritual Understanding
जैन परंपरा में चंद्रगुप्त मौर्य का नाम केवल एक राजा के रूप में नहीं, बल्कि अंततः धर्म-मार्ग की ओर मुड़ने वाले व्यक्तित्व के रूप में भी स्मरण किया जाता है। इसलिए उनका ऐतिहासिक संदर्भ जैन इतिहास में विशेष महत्व रखता है।
Takeaway
संक्षेप में, चंद्रगुप्त मौर्य की राजधानी पाटलिपुत्र थी।