Madhur vani par speech for kids in hindi
मधुर वाणी पर भाषण (बच्चों के लिए) – जैन दृष्टिकोण से
नमस्कार! मेरा नाम ______ है। आज मैं आपके सामने "मधुर वाणी" विषय पर अपने विचार रखने जा रहा/रही हूँ।
जैन धर्म में मधुर वाणी का बहुत महत्व है। भगवान महावीर ने कहा है कि हमें हमेशा सत्य बोलना चाहिए, लेकिन वह सत्य भी ऐसा हो जो किसी को दुखी न करे। हमारी वाणी में मिठास होनी चाहिए। जो भी हम बोलें, वह दूसरों के मन को अच्छा लगे।
मधुर वाणी का मतलब है – ऐसा बोलना जिससे सामने वाला खुश हो जाए, उसे चोट न पहुँचे। जैसे मधुर फल सबको अच्छे लगते हैं, वैसे ही मधुर बोल सबको अच्छे लगते हैं। अगर हम गुस्से में या कठोर शब्द बोलते हैं, तो उससे दूसरों का मन दुखता है और हमारे रिश्ते भी खराब हो सकते हैं।
जैन धर्म के पंच महाव्रतों में ‘अहिंसा’ के साथ-साथ ‘अप्रिय वचन’ से बचने पर भी जोर दिया गया है। हमें किसी को अपने शब्दों से भी हिंसा नहीं पहुँचानी चाहिए।
इसलिए हमें चाहिए कि हम हमेशा सोच-समझकर, मीठा और सच्चा बोलें। हमारी वाणी से सबका मन प्रसन्न हो, यही जैन धर्म की सच्ची शिक्षा है।
धन्यवाद!