जैन शास्त्र के अनुसार इंद्रजीत ने कौनसी विद्या से हनुमान को वश मैं किया
Answer
जैन शास्त्र, विशेषकर
त्रिषष्टि शलाकापुरुष चरित्र के अनुसार, इंद्रजीत ने हनुमान को
नागपाश अस्त्र से बाँधा था। यह एक प्रकार का सर्प-फंदा या जादुई पाश बताया गया है। (
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Explanation
ग्रंथ में वर्णन आता है कि जब हनुमान ने राक्षसों के अनेक अस्त्र विफल कर दिए, तब इंद्रजीत ने नागपाश छोड़ा और हनुमान को पैरों से सिर तक उससे वेष्टित कर दिया। जैन पाठ में इसे स्पष्ट रूप से
नागपाश अस्त्र कहा गया है, न कि किसी अलग नाम की विद्या। (
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Spiritual Understanding
जैन परंपरा में यह प्रसंग शक्ति, संयम और धैर्य का संकेत देता है। हनुमान के पास बंधन तोड़ने की सामर्थ्य थी, फिर भी उन्होंने उस स्थिति को सहन किया। यह जैन दृष्टि में आत्म-नियंत्रण और उद्देश्य-निष्ठा का एक महत्वपूर्ण भाव दिखाता है। (
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Takeaway
संक्षेप में:
इंद्रजीत ने हनुमान को नागपाश अस्त्र से वश में किया था। (
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