जैन शास्त्र के अनुसार दुर्योधन ने किस दूत द्वारा पांडवों को वापस बुलवाया
Answer
जैन परंपरा के उपलब्ध विवरण में दुर्योधन द्वारा पांडवों को वापस बुलवाने वाले दूत का नाम स्पष्ट रूप से नहीं दिया गया है; वहाँ केवल “दूत” कहा गया है। (
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Explanation
जैनकोष के वर्णन में द्यूत के बाद दुर्योधन ने एक दूत भेजकर युधिष्ठिर से बारह वर्ष का वनवास और एक वर्ष का अज्ञातवास कहलवाया, लेकिन उस दूत का नाम नहीं बताया गया। (
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Spiritual Understanding
जैन दृष्टि में इस प्रसंग का मुख्य संदेश नाम से अधिक कर्म, नीति और परिणाम पर है। दूत कौन था, इससे ज्यादा महत्वपूर्ण यह दिखाया गया है कि अधर्मपूर्ण निर्णय अंततः दुःख और संघर्ष ही लाते हैं। (
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Takeaway
संक्षेप में: जैन स्रोतों में इस दूत का नाम स्पष्ट नहीं है, केवल “दूत” का उल्लेख मिलता है। (
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