Ek krod saal tak charitra ka palan kisne kis bhav mai kiya
जैन धर्म के अनुसार, राजा श्रेयांस (Shrayans) ने एक बार पूर्व भव में एक लाख क्रोध (1 crore years) तक उत्तम चारित्र का पालन किया था। लेकिन आपने "एक क्रोध साल" (Ek krod saal) लिखा है, जिससे लगता है कि आप "एक करोड़ वर्ष" (10 million years) की बात कर रहे हैं।
विशेष रूप से, यह उल्लेखनीय है कि भगवान ऋषभदेव के जीवन चरित्र में वर्णन आता है कि वे अपने पूर्व जन्म में 'अजितसेन' नामक राजा थे और उन्होंने चारित्र का पालन एक करोड़ वर्षों तक किया था। यह जानकारी जैन आगमों एवं पौराणिक ग्रंथों में मिलती है।
सारांश: भगवान ऋषभदेव ने अपने पूर्व जन्म (अजितसेन राजा के रूप में) में एक करोड़ वर्षों तक उत्तम चारित्र का पालन किया था।