भगवान मुनि सूरत नाथ जी के समय में हुए बलभद्र अब नारायण के पिता
भगवान मुनि सूरतनाथ जी चौदहवें तीर्थंकर हैं। उनके समय के बलभद्र, नारायण, और प्रतिनारायण के संबंध में जैन ग्रंथों में विशेष विवरण मिलता है।
आपके प्रश्न के अनुसार: "भगवान मुनि सूरतनाथ जी के समय में हुए बलभद्र अब नारायण के पिता" — इसका जैन परंपरा में उत्तर निम्नलिखित है:
मुनि सूरतनाथ के काल के बलभद्र का नाम था राम और नारायण का नाम था घनानंद। बलभद्र और नारायण दोनों भाई माने जाते हैं, पिता-पुत्र नहीं। जैन परंपरा में चक्रवर्ती, बलभद्र (श्वेत वर्ण), नारायण (नीला वर्ण) और प्रतिनारायण (कृष्ण वर्ण) का वर्णन हर तीर्थंकर के समय मिलता है।
सारांश: मुनि सूरतनाथ के काल के बलभद्र और नारायण आपस में भाई थे, पिता-पुत्र नहीं।
यदि आपको विशिष्ट नाम, वंश या कथाएं चाहिए तो कृपया और स्पष्ट करें।