8 upwas krte h uski kriya mandir me kya kya hoti h
Answer
8 उपवास करते समय मंदिर में आमतौर पर ये क्रियाएँ की जाती हैं:- दर्शन: जिनालय में शांत भाव से भगवान के दर्शन
- नवकार मंत्र जाप: मन को स्थिर रखने के लिए
- चैत्यवंदन: जिनेन्द्र भगवान की स्तुति और वंदना
- सामायिक: आत्मचिंतन और समभाव की साधना
- प्रतिक्रमण: दिन में हुई भूलों की क्षमा-याचना
- प्रार्थना/भक्ति: विनय और श्रद्धा के साथ
- क्षमा-याचना: सब जीवों से मन, वचन, काया से हुई भूलों के लिए क्षमा मांगना
Explanation
8 उपवास में शरीर को तपाया जाता है और मन को धर्म में लगाया जाता है। इसलिए मंदिर में की जाने वाली क्रियाएँ साधारण, शांत और श्रद्धापूर्ण होती हैं।आमतौर पर क्रम इस तरह हो सकता है:
- मंदिर में प्रवेश शुद्ध भाव से
- भगवान के दर्शन
- नवकार मंत्र का स्मरण
- चैत्यवंदन या स्तवन
- सामायिक
- समय मिले तो प्रतिक्रमण
- अंत में क्षमा मांगना
अगर शरीर बहुत कमजोर हो, तो केवल दर्शन, नवकार मंत्र और मन से भक्ति भी पर्याप्त मानी जाती है। हर स्थान की परंपरा थोड़ी अलग हो सकती है, इसलिए अपने गुरु/साधु-साध्वी या संघ की मर्यादा के अनुसार करना श्रेष्ठ है।
Spiritual Understanding
8 उपवास का मूल उद्देश्य केवल भूखे रहना नहीं, बल्कि:- इंद्रियों पर संयम
- आत्मशुद्धि
- कर्म निर्जरा
- अहंकार में कमी
- भगवान के प्रति श्रद्धा
जितनी श्रद्धा और समता से क्रिया होगी, उतना ही तप का लाभ अधिक माना जाता है।