भगवान मुनि मुनि सुरत्नाथ अपनी सूरत नाथ जी के समय में हुए बलभद्र व नारायण के पिता
भगवान मुनिसुव्रतनाथ जी, जो जैन धर्म के 20वें तीर्थंकर हैं, उनके समय में बलभद्र और नारायण के पिता के विषय में जैन पुराणों में उल्लेख मिलता है।
जैन परंपरा के अनुसार, प्रत्येक तीर्थंकर के काल में तीन प्रमुख महान पुरुष होते हैं:
- चक्रवर्ती
- बलभद्र
- नारायण
मुनिसुव्रतनाथ भगवान के समय के बलभद्र का नाम राम (पद्म) था और नारायण का नाम लक्ष्मण (नारायण) था। उनके पिता का नाम राजा दशरथ था, जो अयोध्या के राजा थे। इनका वर्णन जैन रामायण में मिलता है, जिसमें राम-लक्ष्मण की कथा जैन दृष्टिकोण से बताई गई है।
सारांश: मुनिसुव्रतनाथ भगवान के समय के बलभद्र (राम) और नारायण (लक्ष्मण) के पिता का नाम राजा दशरथ था।