सृष्टि का रचयिता कौन है
Answer
जैन धर्म के अनुसार सृष्टि का कोई एक रचयिता नहीं है। यह संसार अनादि और अनंत माना गया है — यानी इसका न कोई प्रारंभिक निर्माता है और न कोई अंतिम विध्वंसक।Explanation
जैन दर्शन में यह माना जाता है कि:- लोक स्वयं से अस्तित्व में है
- यह किसी ईश्वर ने बनाया नहीं है
- जीव, पुद्गल, धर्म, अधर्म, आकाश, काल — ये सभी द्रव्य अपने-अपने स्वभाव से हैं
- कर्मों के कारण जीव अपने सुख-दुःख का अनुभव करता है
इसलिए जैन धर्म में सृष्टि-रचना की बजाय जीव के कर्मबंधन, मोक्ष, और आत्मशुद्धि पर अधिक बल दिया गया है।
Spiritual Understanding
इस दृष्टि का गहरा आध्यात्मिक अर्थ है:- हमें किसी बाहरी रचयिता पर निर्भर नहीं रहना है
- अपने कर्मों की जिम्मेदारी स्वयं लेनी है
- आत्मा को शुद्ध करके मोक्ष की ओर बढ़ना है
जैन धर्म में मुक्ति का मार्ग स्वयं के पुरुषार्थ से खुलता है, किसी सृष्टिकर्ता की कृपा से नहीं।