लंकेश राजा रावण मरकर कौन सी गति में गए
उत्तर
जैन परंपरा के अनुसार लंकेश राजा रावण
नरक गति में गए।
कई जैन कथाओं में उन्हें
सातवीं नरक गति में गया बताया जाता है।
Explanation
जैन दृष्टि में रावण एक
प्रतिवासुदेव माने जाते हैं। उनके जीवन में अत्यधिक
मोह, अहंकार, हिंसा और आसक्ति थी, इसलिए मृत्यु के बाद उन्हें शुभ गति नहीं मिली।
Spiritual Understanding
यह कथा यह सिखाती है कि:
- शक्ति और वैभव अंतिम सत्य नहीं हैं
- कर्म ही अगली गति तय करते हैं
- अहंकार और हिंसा आत्मा को नीचे ले जाते हैं
Takeaway
जैन धर्म में रावण का प्रसंग हमें यह समझाता है कि
धर्म, संयम और अहिंसा ही उत्तम गति का कारण हैं।