बालक संगम वाला मरकर कौन सी गति में गया
Answer
इस कथा के अनुसार, बालक संगम मरकर
मनुष्य गति में गया। मुनिदान के प्रभाव से उसका जीव राजगृह में गोभद्र सेठ की पत्नी भद्रा के गर्भ में आया, इसलिए उसका अगला जन्म मानव योनि में हुआ। (
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Explanation
कथा में बताया गया है कि संगम ने मुनि को दान दिया था और उसके प्रभाव से वह बाद में भद्रा सेठानी के गर्भ में जन्मा। (
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Spiritual Understanding
जैन दृष्टि में शुभ दान, विशेषकर सुपात्र को दिया गया दान, आगे के जन्म को श्रेष्ठ बना सकता है। संगम की कथा इसी पुण्य-फल को दिखाती है। (
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Takeaway
संगम की कथा से संदेश मिलता है कि श्रद्धा से किया गया दान आत्मा के लिए शुभ गति का कारण बनता है। (
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