जैन धर्म के प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव थे, जिन्हें आदिनाथ भी कहा जाता है।
Explanation
जैन परंपरा के अनुसार भगवान ऋषभदेव 24 तीर्थंकरों में प्रथम तीर्थंकर हैं। उन्हें मानव समाज को धर्म, संयम, और जीवन-व्यवस्था का मार्ग दिखाने वाला आदि गुरु माना जाता है।
Spiritual Understanding
आदिनाथ का जीवन हमें सिखाता है कि आत्मसंयम, अहिंसा, और वैराग्य ही आत्मकल्याण का मार्ग हैं।