Kis jiv ki gati nigod hui
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Answer
निगोद कोई मुख्य गति नहीं मानी जाती। जैन दर्शन में निगोद सबसे सूक्ष्म और अत्यंत अल्पविकसित एकेन्द्रिय जीवों की अवस्था है।Explanation
- जैन धर्म में सामान्यतः चार गति मानी जाती हैं:
- निगोद इन चार गतियों में नहीं आता।
- यह सूक्ष्म, असंख्य, लगभग एकसाथ रहने वाले जीवों की अवस्था है।
- इसलिए यदि पूछा जाए “किस जीव की निगोद हुई?”, तो उत्तर होगा:
Spiritual Understanding
निगोद अवस्था जैन धर्म में अत्यंत दुर्लभ और कठिन स्थिति मानी गई है। यह हमें यह समझाती है कि:- जीव कितने अनंत प्रकार के होते हैं,
- और आत्मा के विकास के लिए सम्यक् ज्ञान, संयम और अहिंसा कितने महत्वपूर्ण हैं।