According to Jainism pragyapati ke teen Aagam kause?
Answer
अगर आप
“भगवती व्याख्याप्रज्ञप्ति” की बात कर रहे हैं, तो यह
तीन अलग आगम नहीं, बल्कि
एक ही आगम के तीन प्रचलित नाम हैं:
- भगवती सूत्र / भगवती
- व्याख्याप्रज्ञप्ति
- वियाहपण्णत्ति (प्राकृत नाम) ( jainqq.org)
Explanation
जैन आगम परंपरा में
भगवती व्याख्याप्रज्ञप्ति को
पंचम अंग आगम माना जाता है। इसमें भगवान महावीर और गौतम गणधर के प्रश्न-उत्तर रूप में बहुत विस्तृत जैन ज्ञान मिलता है। (
jainqq.org)
Spiritual Understanding
इस आगम का महत्व इसलिए है क्योंकि यह
जैन सिद्धांतों को बहुत गहराई से समझाता है और साधक को सम्यक ज्ञान की ओर ले जाता है। (
jaingpt.org)
Takeaway
संक्षेप में:
“प्रज्ञप्ति” के तीन नाम पूछ रहे हों, तो वे हैं — भगवती, व्याख्याप्रज्ञप्ति, और वियाहपण्णत्ति। (
jainqq.org)